पानी के लिए ज्ञापन , चक्काजाम आंदोलनक किया था किसानों ने   कालीसिंध में आया नर्मदा का पानी, किसानों के चेहरों पर रौनक लौटी -करीब 30 गांव के किसानों की गेहुं, प्याज,लहसून की फसल की बहार लौटेगी

 

उज्जैन। अंतत: किसानों के आंदोलन पर उनकी सुनवाई हुई है। फसलें प्यास के मारे सूखने लगी थी इसी की सिंचाई के लिए किसानों ने कालीसिंध नदी में नर्मदा का पानी छोडने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया था। पानी को अन्य स्थान पर रोकने की स्थिति में किसानों ने इंदौर-झालावाड नेशनल हाईवे जाम किया था। किसानों की मांग पर कालीसिंध में नर्मदा का भरपूर पानी आ गया है। करीब 6 स्टापडेम भरे जा रहे हैं।30 गांव के लाभांवित होने वाले किसानों ने चुनरी ओढाकर अपनी खुशी का ईजहार किया है।

माकडौन क्षेत्र के करीब 30 गांव में फसल पानी के अभाव में सूखने जैसे हालात में आने लगी थी। काली सिंध नदी के खाली होने पर किसानों ने नर्मदा की पाईप लाईन से पानी छोडने की मांग उठाई थी। भारतीय किसान संघ के बैनर तले इसे लेकर ज्ञापन दिया गया था। नर्मदा से पानी छोडने के दौरान बैराज बंद करने पर किसानों ने नाराजगी जताते हुए नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया था। इसके उपरांत प्रशासन एवं नर्मदा घाटी के अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठकर मामले में चर्चा करते हुए पानी छोडा है। पानी रविवार को पाट स्टाप डेम तक पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है।

4 जगह से खोले वाल्व –

नर्मदा की पाईप लाईन के क्षेत्र में बिसमखेडी, नोगामा, खाकरी सुल्तानपुर,कचनारिया में 4 स्थानों पर वाल्व हैं। गत दिवस कंपनी के सीएमडी देवेन्द्र पटेल की उपस्थिति में ये वाल्व कर्मचारियों ने किसानों के सामने खोले एवं इससे जमकर पानी की आवक हुई है। किसान संघ के जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह आंजना के अनुसार करीब 6 स्टापडेम में पानी भरेगा। अंतिम स्टापडेम पाट का है जो ऋषिकेश धाम पिपल्या बाजार गांव से 30 किलोमीटर दूर है। ऐसे में हजारों किसानों को इस पानी से लाभ होगा।

चुनर यात्रा निकाल महाआरती की-

भारतीय किसान संघ जिला उज्जैन ने जीवनदायनी मां नर्मदा का पानी छोटी कालीसिंध में छोड़े जाने पर चुनर यात्रा एवं महाआरती का आयोजन रखा गया। इस दौरान ऋषिकेश धाम पिपल्या बाजार गांव में पूजन एवं आरती करते हुए मां नर्मदा को चुनर ओढाई गई। इस यात्रा में क्षेत्रीय किसानों ने बडी संख्या में हिस्सेदारी की। इसमें क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी , प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, प्रांत सह संगठन मंत्री दिनेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शिवचरण शर्मा, माकड़ौन तहसील अध्यक्ष सोनू बना आदि कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र वासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिवचरण शर्मा जिला उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ जिला उज्जैन ने किया।

किसानों की मोटरें उगलने लगी पानी-

जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह आंजना के अनुसार जैसे-जैसे स्टापडेमों में पानी भरते जा रहा है किसानों के पानी लेने का क्रम  शुरू हो गया है। खेतों में गेंहु की फसल को नई जान मिल सकेगी। अभी सिंचाई के अभाव में पौधे कमजोर पडने लगे थे। प्याज एवं लहसून में भी पानी की मांग के अनुसार सिंचाई की शुरूआत हो गई है।

 

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