उज्जैन। परिजनों से बिछड़ों को मिलवाने में पुलिस ने एक बार फिर अपनी भूमिका निभाई और अपनी कर्तव्य निष्ठा के साथ मानवीय संवेदना का परिचय दिया। बिछड़ों के मिलने की खबर मिलने पर परिजनों पुलिस का आभार माना।
आंध्रप्रदेश के अनंतपुर से शनिवार को एक परिवार धार्मिक यात्रा पर आया था। रविवार को महाकाल दर्शन के बाद शाम को 6 बजे रामघाट पर क्षिप्रा आरती में शामिल होने पहुंचा। जहां परिवार में शामिल 65 साल की सरस्वती देवी पति आर श्रीनिवास मूर्ति भीड़ के बीच परिवार से बिछड़ गई। परिजनों ने आसपास तलाश किया, नहीं मिलने पर सुब्रमण्यम पिता स्व. चंद्रशेखर महाकाल थाना पुलिस के पास पहुंचे और बताया कि उनकी मौसी बिछड़ गई है। वह सिर्फ तेलगू भाषा जानती है और वृद्धावस्था के चलते उनकी नियमित दवाईयां भी चल रही है। थाना प्रभारी गगन बादल ने हमेशा की तरह वृद्धा श्रद्धालु की तलाश के लिये एएसआई चंद्रभानसिंह चौहान, प्रधान आरक्षक मनीष यादव के साथ टीम को अलर्ट किया। परिजनों ने बिछड़ी महिला श्रद्धालु का फोटो लिया गया और वाट्सएप गु्रप पर दुकानदारों, रिक्शा चालकों को भेजा गया। करीब 6 घंटे बाद रात 12 बजे डायल 112 पर तैनात आरक्षक अभिषेक और पायलेट पंकज को खबर मिली कि उक्त फोटो से मिलती-जुलती बुजुर्ग महिला हरसिद्धी पाल क्षेत्र में दिखाई दी है। तत्काल तलाश में लगी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सरस्वतीदेवी को सकुशल थाने लाया गया। परिजनों को सूचना दी गई। परिजन थाने पहुंचे और सरस्वती देवी को देख बिलख उठे। उन्हे सकुशल देख परिजनों ने पुलिस का आभार माना।
बिहार के बालक को परिजनों से मिलवाया
बिहार के मधुबनी से सप्ताहभर पहले लापता हुए बालक को बड़नगर थाना पुलिस ने परिजनों से मिलवाया। थाना प्रभारी अशोक कुमार पाटीदार ने बताया कि रविवार रात को बस स्टेंड क्षेत्र में बालक के बदहवास हालत में दिखाई देने की खबर मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद सामने आया कि वह दिमागी रूप से कमजोर है। वह कुछ बता नहीं पा रहा था। उसके पास एक मोबाइल था, जिस पर कॉल आ रहे थे। मोबाइल के आधार पर संपर्क शुरू किया तो परिजनों से चर्चा हुई। उन्होने बताया कि नाम समीर पिता मोहम्मद अकबर है। पुलिस ने सकुशल मिलने की बात कहीं। सोमवार को बिहार से जीजा मोहम्मद नौशाद बड़नगर पहुंचे। जिनके सुपुर्द बालक को किया गया।
घर से नाराज होकर आई थी महिला
बड़नगर तहसील के रूनिजा रोड पर फोरलेन ब्रिज के नीचे पुलिस ने एक महिला को लोगों की सूचना पर दस्तयाब किया। महिला लोगों के वाहन रोकने का प्रयास कर रही थी। पुलिस उसे थाने लेकर आई, जहां पूछताछ में सामने आया कि वह रतलाम की रहने वाली ज्योति शर्मा है। परिवार से नाराज होकर उसने घर छोड़ा है। पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। बहन सीमा शर्मा बड़नगर पहुंची और बहन के मिलने पर रो पड़ी। पुलिस ने समझाईश के बाद उन्हे रतलाम रवाना किया।
परिजनों से बिछड़ों को मिलवाने में पुलिस ने निभाई भूमिका