6000 गरीब ग्रामीणों का चार सालों तक करेंगे मुफ्त इलाज , श्री अरबिंदो अस्पताल के नए व्हाइट कोट स्टूडेंट्स

इंदौर। पहली बार व्हाइट कोट पहनकर आप लोगों को जितनी खुशी हो रही होगी, उतनी ही आप लोगों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। इन जिम्मेदारियों के तहत सबसे पहले आपको उन 1250 गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले ग्रामीण परिवारों के करीब 6000 सदस्यों को निःशुल्क आवश्यक स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराने का लक्ष्य हासिल करना होगा, जिन्हें आपने नेशनल मेडिकल कमीशंस के “फैमिली एडॉप्शन प्रोग्राम” के तहत एडॉप्ट किया है। अगर आप इस कसौटी पर खरे उतरने में कामयाब रहे तो भविष्य में फिर किसी भी मरीज को आपसे नाउम्मीदी नहीं होगी। ये समझाइश डॉ. जयश्री तापड़िया ने दी।

प्यार करें, प्रोफेशन से

बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए पद्मभूषण डॉ. रमाकांत पांडा ने कहा कि नये डॉक्टर अपने प्रोफेशन को बोझ समझने के बजाय इससे प्यार करते हुए एंजॉय करें। अस्पताल के फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि एनएमसी की स्थापना मुख्य रूप से चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने के मकसद से की गई थी।
कार्यक्रम में श्री अरबिंदो विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. मंजूश्री भंडारी ने स्टूडेंट्स को बतौर चिकित्सक अपना कार्य पूरी ईमानदारी से करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर विवि के डॉ. मोहित भंडारी, डॉ. महक भंडारी, कुलपति डॉ. ज्योति बिंदल, डॉ. एस. घोष, सैम्स डीन डॉ. आर.आर. वावरे, डेंटल डीन डॉ. आई.के. कांतेश्वरी, डॉ. एसडी जोशी आदि बड़ी संख्या में मौजूद थे।