विकास और रोजगार बनेगा चुनाव का मुद्दा

कानड़। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर इन दिनों नगर की गालियों, चोराहो में एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। इस चुनावी रंग में प्रत्याशी और मतदाता दोनों ही रंगें हुए है। पार्षद प्रत्याशियों ने जहां अपने अपने वार्ड के मतदाताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है तो वही मतदाता भी नगर के विकास और रोजगार उपलब्ध कराने संबंधी चचार्एं कर रहे हैं। अधिकतर युवाओं से चर्चा करने पर उन्होंने बताया हम इस बार ऐसी परिषद चाहते हैं जो रोजगार उपलब्ध कराए।
चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही नगर में नगर के विकास और रोजगार संबंधी चचार्एं युवाओं में हो रही है। आपसी चर्चा और सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवाओं में रोजगार को लेकर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। नगर के युवा इस बार ऐसी परिषद चाहते हैं जो नगर के विकास के साथ ही नगर में रोजगार के अवसर बढ़ाएं जिससे नगर के युवाओं को रोजगार के अभाव में अपने ग्रह नगर को छोड़कर दूसरी जगह ना जाना पड़े। युवाओं से चर्चा करने पर कुछ मुख्य मुद्दे सामने आए साथ ही उन्होंने बताई नई परिषद से उम्मीदें।
जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को चुने जनता
हमें इस बात का ध्यान रखना है कि हम जिसे अपना जनप्रतिनिधि चुन रहे हैं। उसका जिम्मेदार होना बेहद जरूरी है। वोट लेने के बाद आम जन की आवाज को जिम्मेदारों तक पहुंचाना उसका दायित्व है। जरूरतमंदों की मदद करने वाला और हर व्यक्ति को साथ में लेकर चलने वाले को पर्षद चुनना है। इस बार किसी के बहकावे में नहीं आए।
कमल
अव्यवस्थित पार्किंग सबसे बड़ा मुद्दा
नगर की कुछ सड़कें काफी बेहतर हैं, लेकिन कुछ का हाल काफी ज्यादा खराब है तो कहीं अव्यवस्थित पार्किंग से कई बार जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। इस तरह का नजारा आगर सारंगपुर रोड पर कांकेश्वर मंदिर के सामने तथा पचलाना रोड पर बोरखेड़ी रोड के समीप अकसर देखने को मिलता है। लेकीन जिम्मेदार कभी इस ओर ध्यान नहीं देते।
राधेश्याम
फैक्ट्री की स्थापना कर रोजगार दें
चुनाव आते ही नेताओं के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। हाथ जोड़कर, पैर छूकर नेता वोट पाने की जुगत में लग जाते हैं, लेकिन जनता के बारे में कोई नहीं सोचता है। इस समय युवाओं को रोजगार की जरूरत है। नगर में रोजगार के अवसर बिल्कुल नहीं है। यहां कोई ऐसा प्रोजेक्ट लगे, जिससे नगर के युवाओं को नौकरी मिल सके। रोजगार के वादे होने के बाद भी युवाओं का एक बड़ा समूह बेरोजगार घूम रहा। जिसके चलते उन्हें दूसरे राज्यों में काम के लिए जाना पड़ता है।
अभिषेक
कानड़ से इंदौर बस चालू करें
नगर की मुख्य सड़क आगर, सारंगपुर और शाजापुर से जुड़ती है उसके बाद भी कानड़ से सीधे इंदौर के लिए कोई बस नहीं है। नगर के व्यापारी व पत्रकार भी इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं। इंदौर आने जाने वालों को परिवहन सुविधा के अभाव में काफी परेशानी उठाना पड़ती है। जल्द ही इन्दौर हेतू बस चालू की जानी चाहिए जिससे नगर वासियों और व्यापारियों को सुविधा मिले।
सत्यनारायण
राष्ट्रीकृत बैंक का आभाव
नगर में केवल एकमात्र राष्ट्रीकृत बैंक बैंक आॅफ इंडिया है जिसमें आम व्यक्ति को पैसे निकालने या पैसे जमा करने हेतु भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो व्यापारियों को भी भीड़ की वजह से बैंकिंग कार्य करने हेतु मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जिसमें समय की भी बबार्दी होती है और 1 से 2 घंटे बैंक में पैसे जमा करने या निकालने हेतु लग जाते हैं। नगर में कमसे कम एक दो और बडी बैंक आना चाहिए जिससे लोगों का बैंकिंग संबंधी काम आसानी से हो और उनका समय भी बचे।
सीताराम

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