पाठ्य पुस्तक निगम का घूसखोर प्रबंधक रंगे हाथ पकड़ाया: 15 लाख रुपये के भुगतान के एवज में मांगे 2 लाख, 1.70 लाख ले भी चुका था, सहायक वित्त अधिकारी भोपाल को भी बनाया आरोपी

पुस्तक निगम में लग चुकी भ्रष्टाचार की दीमक, दैनिक ब्रह्मास्त्र ने कई बार किए खुलासे

ब्रह्मास्त्र रीवा। मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार आखिरकार उजागर हो ही गया। भ्रष्टाचार की दीमक निगम के भोपाल मुख्यालय से लेकर कई जिलों में लगी हुई है। दैनिक ब्रह्मास्त्र समय-समय पर निगम में हुए घोटालों का प्रमुखता से खुलासा करता आया है। रीवा लोकायुक्त ने शुक्रवार को सातवें वेतनमान व क्रमोन्नति का लाभ देने के एवज में 30,000 रुपये की रिश्वत लेते राज्य पाठ्यपुस्तक निगम, रीवा के प्रबंधक आरसी मिश्रा को रंगेहाथ पकड़ लिया। रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त ने सहायक वित्त अधिकारी पाठ्य पुस्तक निगम भोपाल राहुल खरे को भी आरोपी बनाया है। दोनों भ्रष्ट अधिकारियों ने 15 लाख रुपए के भुगतान के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पुलिस ने घूसखोर प्रबंधक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
रीवा लोकायुक्त ने पाठ्य पुस्तक निगम के डिपो प्रबंधक को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रेप किया है। सूत्रों के अनुसार सातवें वेतनमान का लाभ और सितंबर 2017 से द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ दिए जाने के बदले में 2 लाख रुपए की रकम सहायक वित्त अधिकारी भोपाल ने मांगी थी। शिकायतकर्ता 1.70 लाख रुपए दे चुका था। अब बचा पैसा 30 हजार रीवा का डिपो प्रबंधक मांग रहा था।
पैसे न देने पर डिपो प्रबंधक कार्य नहीं कर रहा था। थक हारकर पीड़ित ने लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर एसपी से शिकायत की। सत्यापन उपरांत आवेदन सही पाया गया। रीवा लोकायुक्त ने दोनों अधिकारियों को आरोपी बनाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की है।

ऐसे बिछाया जाल

लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर 12 बजे गंगोत्री नगर​ स्थित घर से आरसी मिश्रा को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कहा कि आरोपी राहुल खरे सहायक वित्त अधिकारी मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम भोपाल और आरसी मिश्रा प्रबंधक पाठ्य पुस्तक निगम रीवा द्वारा संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता व्याख्याता नरेंद्र कुमार मिश्रा निवासी वार्ड नंबर 15 संजय नगर जिला रीवा को परेशान करते हुए 1.70 लाख ले चुके थे। फिर भी सातवें वेतनमान का लाभ और सितंबर 2017 से द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिलाया। फिर ऊपर से 30 हजार रुपए और मांग रहे थे। ऐसे में 26 नवंबर को रीवा डिपो प्रबंधक आरसी मिश्रा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता 30 हजार रुपए की रकम देकर उसके घर से बाहर निकाला। वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने अंदर घुस कर पैसे के साथ धर दबोचा।

रिश्वतखोर को पकड़ने वाली ये है टीम

ट्रैपिंग में ये अधिकारी रहे शामिल
यह ट्रैपिंग कार्रवाई डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक आकांक्षा पाण्डेय, प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा, पवन पाण्डेय, धर्मेंद्र जायसवाल, प्रेम सिंह, लवलेस पाण्डेय, शाहिद खान सहित 15 सदस्यीय दल शामिल रहा है।

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