बीएसएनएल के दो बड़े काम के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन

उज्जैन की एम्प्लाइज यूनियन ने नारेबाजी कर कहा- इससे तो बीएसएनएल का अस्तित्व ही आ जाएगा संकट में

ब्रह्मास्त्र उज्जैन। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के निजीकरण की योजना के खिलाफ पूरे देश में बीएसएनएल एंप्लाइज यूनियन ने प्रदर्शन किया। उसी क्रम में उज्जैन में भी यूनियन ने प्रदर्शन कर आंदोलन के पहले चरण में नारेबाजी की। बीएसएनएल एंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव मनोज शर्मा ने बताया कि भारत सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। बीएसएनएल के तमाम कर्मचारी और पेंशनर इस निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत सरकार तमाम सरकारी विभागों की संपत्तियों को निजी हाथों में औने पौने दाम में सौंपने की साजिश रच रही है। उन्होंने बताया कि 14,917 टावर है जिसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह 2,86000 ऑप्टिकल फाइबर केबल भी निजी हाथों में सौंपने की साजिश की जा रही है। यह दोनों चीजें अगर बीएसएनएल के पास से चली जाएगी तो बीएसएनएल का अस्तित्व ही संकट में आ जाएगा। इसीलिए इस निजीकरण के निर्णय के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जो भी कोशिश होगी और जो भी उपाय होंगे वे सभी किए जाएंगे।

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