खंडवा उपचुनाव : कांग्रेस में मुश्किल आसान, भाजपा में घमासान

प्रत्याशी चयन में देरी से बढ़ रहा और असंतोष

ब्रह्मास्त्र इंदौर। सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन से रिक्त हुई खंडवा संसदीय सीट पर हो रहे उपचुनाव की घोषणा के बावजूद भाजपा अपने प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं कर पाई। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सोलह श्राद्ध के कारण घोषणा नहीं की जा रही थी, आज से नवरात्रि शुरू हो गई है। आजकल में घोषणा हो जाएगी। घोषणा नहीं होने की सबसे बड़ी वजह भाजपा में ही अंदरूनी कलह है। सांसद नंदकुमार के स्वर्गवास के बाद माना जा रहा था कि उनके पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं।इससे संवेदना के वोट भी जुड़ जाते। खंडवा संसदीय क्षेत्र के कई नेता ही हर्षवर्धन के विरोध में आ आ गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भी इच्छा है कि नंदू भैया के पुत्र को ही उम्मीदवार बनाया जाए। वे यह भी कह चुके हैं कि भाजपा में परिवारवाद या वंशवाद नहीं चलेगा। ऐसे में खंडवा में भाजपा के बहुत से लोगों ने अपनी दावेदारी ठोंक दी है। इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव के चुनाव लड़ने से मना करने के बाद उन्हीं के धुर विरोधी माने जाने वाले ठाकुर राज नारायण सिंह पुरनी को उम्मीदवार बना दिया है।
उपचुनावों की घोषणा होने के बाद से ही कांग्रेस और भाजपा में उम्मीदवार चयन को लेकर खींचतान चलती आ रही हैं। माना जा रहा था कि कांग्रेस से एक मात्र उम्मीदवार अरुण यादव ही हैं लेकिन अरुण यादव के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी। अरुण यादव खंडवा से ही सांसद रहते हुए केंद्र में मंत्री भी रहे हैं। लेकिन पिछले दो बार से वह लगातार चुनाव हारते रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज के सामने भी चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें वहां भी मुंह की खानी पड़ी। यादव के चुनाव लड़ने से इंकार के बाद दिग्विजय सिंह के करीबी ठाकुर राज नारायण सिंह पुरनी को खंडवा लोकसभा के उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया गया हैं।
इधर भाजपा में टिकट को लेकर अभी भी घमासान जारी हैं। नंदकुमार सिंह के निधन के बाद शिवराज ने उनकी अस्थि विसर्जन के कार्यक्रम में कहा था कि वह नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन के साथ हैं और उनका पूरा सहयोग करेंगे। उनकी इस बात से कयास लगाया जा रहा था कि उपचुनाव में हर्षवर्धन ही भाजपा उम्मीदवार होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उपचुनाव की घोषणा के पहले ही बुरहानपुर से विधायक और मंत्री रही अर्चना चिटनीस ने अपनी ताल ठोंक दी। इसके बाद खंडवा लोकसभा के लिए भाजपा में दावेदारों की एक लंबी कतार लग गई। अब संभावित दावेदारों में पूर्व जिला पंचायत में अध्यक्ष रहे ज्ञानेश्वर पाटिल (बुरहानपुर) , वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष सेवादास पटेल , पूर्व जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, पूर्व सांसद व इंदौर के पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे सहित कई नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन अभी तक भाजपा ने किसी को भी अपना अधिकृत उम्मीदवार नहीं बनाया हैं। भाजपा में प्रत्याशी चयन में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस भी तंज कसते नजर आ रही हैं।

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