सरस्वती शिशु मंदिर पर विवादित बयान पर दिग्विजय को नोटिस

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मांगा 3 दिन में जवाब

ब्रह्मास्त्र नई दिल्ली। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सरस्वती शिशु मंदिर के बारे में की गई विवादित टिप्पणी के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से तीन दिन में जवाब मांगा है। साथ ही आयोग ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखकर इस मामले की जांच करने और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि आपकी टिप्पणी भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करती दिखती है। यह किशोर न्याय कानून के सिद्धांतों के भी विपरीत है।
उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सरस्वती शिशु मंदिर बचपन से लोगों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोते हैं। वही नफरत का बीज धीरे-धीरे आगे बढ़कर देश में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ता है, सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते हैं।

मतिभ्रम व्यक्ति ही उठा सकता है सरस्वती शिशु मंदिर पर उंगली

दिग्गी पर विजयवर्गीय ने भी किया हमला

इंदौर। भाजपा नेताओं की तरफ से लगातार दिग्विजय सिंह को निशाने पर लिया जा रहा है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी ट्वीट कर दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है और सरस्वती शिशु मंदिर को देशभक्ति की पाठशाला करार दिया है।
उन्होंने कहा कि केवल मतिभ्रम व्यक्ति ही सरस्वती शिशु मंदिर पर उंगली उठा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट में लिखा कि “आतंकवादी ओसामा के नाम से साथ ‘जी’ लगाना, आतंकी जाकिर नाईक को ‘शांतिदूत’ बताना, बाटला हाउस एनकाउंटर को झूठा बोलकर इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की शहादत को अपमानित करना, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना, ये सब कांग्रेस की किस पाठशाला में पढ़ाया जाता है?
दूसरे ट्वीट में कैलाश विजयवर्गीय ने लिखा कि सरस्वती शिशु मंदिर देशभक्ति का पाठशाला है, इन पर अंगुली केवल मतिभ्रम का शिकार व्यक्ति ही उठा सकता है।

वीडी शर्मा ने भी बोला हमला

भोपाल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी कहा कि दिग्विजय सिंह बताएं कि राष्ट्रवादी लोग कहां तैयार होते हैं?

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