महाकाल में नागचंद्रेशवर के पट तो  खुलेंगे आम दर्शन कैसे होंगे तय नहीं

– नागपंचमी पर वर्ष में एक बार 24 घंटे आम दर्शन के लिए खुलता है मंदिर

– इस बार 13 अगस्त को कोरोना के चलते क्या व्यवस्था हो इस पर मंथन

ब्रह्मास्त्र उज्जैन। महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित दुर्लभ नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के परंपरा अनुसार नागपंचमी पर्व पर पट तो खोले जाएंगे और महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पूजन-अर्चन भी होगा। लेकिन आम लोग यहां जाकर दर्शन कर सकेंगे या नहीं अभी यह तय नहीं है।

वर्ष में एक बार ही केवल 24 घंटों के लिए इस मंदिर को आम दर्शन के लिए खोला जाता है और देशभर से उज्जैन आने वाले लाखों लोग इस मंदिर में भगवान श्री नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के चलते आम लोगों को क्या दर्शन की अनुमति दी जाए या ऑनलाइन के जरिए दर्शन कराए जाए इसे लेकर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मंथन कर रहे हैं। समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने कहा कि अभी तय नहीं है कि नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर के आम दर्शन होंगे या नहीं। अधिकारी बैठक कर निर्णय लेंगे। इसके पहले सभी से राय ली जा रही है।

महंत, पंडे-पुजारियों से लेकर समिति सदस्यों की राय ले रहे

अखाड़े के महंत से लेकर मंदिर के पंडे-पुजारियों आदि सभी से इस गंभीर विषय पर चर्चा की जा रही है। वहीं मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों से भी राय ली जा रही है। प्रशासन का मत है कि जो सर्वाअनुमति बनेकी उसके आधार पर ही दर्शन संबंधी कोई निर्णय लिया जाएगा और व्यवस्था की जाएगी। इस बार नागपंचमी 13 अगस्त शुक्रवार को आ रही है। इसके कुछ दिन पहले ही प्रशासन को तय करना होगा कि दर्शन कैसे होंगे। क्योंकि इसकी बड़े पैमाने पर प्रशासन व पुलिस को तैयारी करना पड़ती है।

प्रशासन का कहना आम दर्शन को लेकर अभी निर्णय लेना है

प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि परंपरा निर्वहन के लिए अखाड़े के महंत व अन्य लोग मंदिर के पट तो खोलेंगे और रात 12 बजे प्रथम पूजन भी करेंगे। इसके बाद दूसरे दिन नागपंचमी पर्व पर भी दिन में 12 बजे सरकारी पूजन होगा व शाम को मंदिर प्रबंध समिति की ओर से पूजन किया जाएगा। इसके त्रिकाल पूजा कहते हैं जो तीन बार अगल-अलग समय में होती है। अब बस सवाल आम लोगों को मंदिर में प्रवेश देकर दर्शन कराने का है। इसका निर्णय भी जल्द ही ले लिया जाएगा।

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