फ्रेंडशिप डे पर आज युवा दे रहे एक दूसरे को बधाई, पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ी

ब्रह्मास्त्र इंदौर। दोस्ती का रिश्ता बेहद खूबसूरत होता है। ये रिश्ता हर जाति- धर्म से परे होता है। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता होता है जिसे बिना किसी शर्त के दिल से निभाया जा सकता है। दुनियाभर में हर साल अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। इस साल फ्रेंडशिप डे 1 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है। यूं तो यह पाश्चात्य संस्कृति का त्यौहार है, लेकिन भारत में भी अब इसे मनाया जाने लगा है। खासकर युवाओं में इसका क्रेज ज्यादा है। इंदौर सहित देशभर में सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच हैप्पी फ्रेंडशिप डे जैसे सैकड़ों संदेश देखने में आ रहे हैं। एक दूसरे को बधाई देने के साथ ही युवाओं में पार्टी का क्रेज तथा इस अवसर पर केक काटे जाने का रिवाज भी बढ़ता जा रहा है। एक- दूसरे को ग्रीटिंग्स कार्ड देने का फैशन भी खूब चला, लेकिन पिछले 2 सालों से कोरोना काल होने के कारण ग्रीटिंग्स देने और मेलजोल में कमी आई है। ज्यादातर युवा अब सोशल मीडिया तथा फोन पर आपसी चर्चा कर ही फ्रेंडशिप डे मना रहे हैं। शहर के आसपास पर्यटन स्थलों पर भी आज सुबह से ही युवाओं की भीड़ नजर आने लगी है।
आधिकारिक स्तर पर इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई को मनाया जाता है। भारत और बांग्लादेश सहित कई अन्य देशों में फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को मनाते हैं। इस मित्रता दिवस की शुरुआत कब और कैसे हुई थी? इसके बारे में अलग-अलग कहानियां हैं।
फ्रेंडशिप डे की शुरुआत साल 1958 में हुई थी। कहा जाता है कि साल 1958 के अगस्त महीने के पहले रविवार को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। अपने दोस्त की याद में मरने वाले व्यक्ति के एक दोस्त ने आत्महत्या कर ली थी। तभी से अमेरिकी सरकार ने अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

एक और कहानी यह है कि पराग्वे के डॉक्टर रमन आर्टेमियो ने 20 जुलाई 1958 को एक डिनर पार्टी का आयोजन किया, जिसके दौरान उन्होंने अपने दोस्तों के साथ फ्रेंडशिप डे मनाने का विचार रखा। इसके बाद से दुनियाभर में फ्रेंडशिप डे मनाया जाने लगा।

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