अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर हमला कंधार हवाई अड्डे पर 3 रॉकेट दागे गए, सभी उड़ानें रद्द, अफगान सेना और तालिबान के बीच जंग जारी

ब्रह्मास्त्र  नई दिल्ली। अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर रॉकेट से हमला हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरपोर्ट पर तीन रॉकेट दागे गए हैं। इनमें से 2 रनवे पर गिरे और ब्लास्ट हो गए। एयरपोर्ट के चीफ मसूद पश्तून ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि रनवे को ठीक करने का काम किया जा रहा है। रविवार शाम तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
शनिवार देर रात हुए इस हमले में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। हमले के बाद सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हमले के पीछे तालिबान का हाथ माना जा रहा है, क्योंकि ये हमला ऐसे समय हुआ है, जब तालिबान के लड़ाकों ने हेरात, लश्कर गाह और कंधार को चारों तरफ से घेर रखा है। फिलहाल कंधार में उनकी अफगान सुरक्षाबलों के साथ जंग जारी है।
कंधार अफगानिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां के हवाई अड्डे का उपयोग अफगानिस्तान की सेना को हथियार और रसद भेजने में भी किया जाता है।
इसलिए तालिबान इस एयरपोर्ट पर कब्जा कर अफगान सेना को मिलने वाली मदद को रोकना चाहता है। पिछले 2-3 हफ्तों में तालिबान ने इस इलाके में हमले बढ़ा दिए हैं।
अफगानिस्तान नेशनल डिफेंस सिक्योरिटी फोर्सेज ने अमेरिका की मदद से तालिबानियों के कब्जे वाले कई गांव खाली करा लिए हैं। फोर्सेज के एक्शन के बाद ये साफ हो गया है कि तालिबानियों की हिंसा में पाकिस्तानी लड़ाके भी बराबरी से शामिल हैं। मुठभेड़ के दौरान ऐसे कई लड़ाकों को अफगानी फोर्सेज ने मार गिराया है, जो पाकिस्तानी सेना में अफसर हैं। इनके पास से पाकिस्तानी आईकार्ड भी मिले हैं।
ये हैं कंधार के मौजूदा हालात
यहां पर तालिबान के लड़ाके घुस चुके हैं और सुरक्षाबलों के साथ लगातार जंग लड़ रहे हैं। युद्ध की वजह से अभी तक कंधार से हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। इन लोगों ने पाकिस्तान और ईरान जैसे देशों में जाकर शरण ली है।

अफगानी फोर्स ने तालिबानियों के कब्जे से कई गांव वापस लिए, मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अफसर भी ढेर
पाकिस्तानी आतंकी तालिबान का फायदा उठाने की फिराक में
पाकिस्तानी संगठन अफगानिस्तान पर तालिबान की बढ़ती पकड़ का फायदा उठाने की फिराक में हैं। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन भारत को निशाना बनाने के लिए दोबारा आतंकियों की तैनाती करेंगे। एशियाई मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले फ्रेंच न्यूज लेटर एशियालिस्ट की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। यह रिपोर्ट रीजनल एक्सपर्ट ओलिवीर गिलार्ड ने तैयार की है।

 

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