खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव- भाजपा में दावेदारों की भीड़ कांग्रेस से एक ही नाम अरुण यादव

इंदौर। खंडवा लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा में जहां दावेदारों की भीड़ है, वहीं कांग्रेस से एकमात्र प्रत्याशी अरुण यादव का नाम चल रहा है। भाजपा उलझी पड़ी है, क्योंकि उसके पास दावेदार ज्यादा हैं। पूर्व सांसद नंदकुमार चौहान के निधन से रिक्त हुई इस सीट पर उनके बेटे हर्ष चौहान ने भी दावा ठोक रखा है। हर्ष समर्थकों का मानना है कि यदि भैया को टिकट मिल जाए तो यह सीट आसानी से निकल जाएगी। क्योंकि खंडवा में नंदकुमार चौहान बेहद लोकप्रिय नाम रहा है। हर्ष चौहान के अलावा पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, इंदौर से पूर्व महापौर तथा पूर्व सांसद कृष्ण मुरारी मोघे, पूर्व महापौर तथा मंत्री विजय शाह की पत्नी के अलावा भी कई ऐसे नाम हैं जो भाजपा से लोकसभा चुनाव उपचुनाव के लिए खंडवा सीट से दावेदार हैं। भाजपा को इनमें से किसी एक को चुनना है और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना है कि किसी भी तरह से सेबोटेज न होने पाए। गौरतलब है कि प्रदेश में चार उपचुनाव होना है, जिसके चलते भाजपा किसी भी तरह की जोखिम नहीं लेना चाहती है। खासकर दमोह उपचुनाव हारने के बाद दूध की जली भाजपा छाछ भी फूंक-फूंककर पीना चाहती है। यही कारण है कि पहली बार सत्ता-संगठन को इन उपचुनावों में इस तरह झोंका जा रहा है। भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा से पहले चुनाव प्रभारियों की नियुक्तियां कर डाली, जिसमें मंत्रियों के साथ-सांथ सांसदों-विधायकों को जिम्मा सौंपा गया है। खंडवा लोकसभा सीट के लिए इंदौर के वरिष्ठ भाजपा नेता मोघे भी दावेदारों की दौड़ में शामिल हैं।
खंडवा लोकसभा के साथ-साथ पृथ्वीपुर, रेगांव और जोबट विधानसभा के उपचुनाव होना है। दमोह उपचुनाव हारने के बाद अब भाजपा का सत्ता और संगठन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है। यही कारण है कि मंत्रियों से लेकर सांसद-विधायकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

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