सावन का पहला दिन , भांग और चन्दन का विशेष शृंगार , भस्म आरती में श्रद्धालुओं को नहीं मिला प्रवेश।   

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में  सावन  पर्व के पहले दिन आज  अलसुबह 3 :00 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद  भस्म आरती शुरू हुई  हालांकि कोरोनावायरस के चलते आरती में आम श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिल पाया  भस्म आरती के दौरान सिर्फ पण्डे पुजारी ही गर्भ गृह में रहे। महाकाल मंदिर के  पुजारी आशीष पुजारी ने बताया की   भस्म आरती के दौरान पण्डे पुजारियों ने  बाबा महाकाल को जल चढ़ाया गया और फिर पंचामृत ( दूध ,घी शक़्कर , शहद और फलो के रस )से   अभिषेक पूजन के बाद भांग का विशेष श्रृंगार कर भस्म चढ़ाई गयी करीब 1 घंटे तक चली भस्म आरती के दौरान  पूरा मंदिर परिसर नंदीहाल , गणेश मंडपम, और कार्तिक हाल , तीनों ही खाली रहे अमूमन हर साल सावन का दिन हो या आम दिन यह सभी जगह श्रद्धालुओं से खचाखच भरी हुई  दिखाई देती है।  मान्यता है कि सावन का महीना  भगवान शिव का प्रिय मांह है और सोमवार को भगवान शिव के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है

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