नेपानगर की तत्कालीन एसडीएम समेत 9 लोगों ने हितग्राही का फर्जी खाता खोलकर निकाले मुआवजे के 42 लाख रुपए, एफआईआर

खंडवा/बुरहानपुर
बुरहानपुर जिले में नेपानगर के चौखंडिया में बोरबन तालाब योजना में 42.11 लाख के भूमि अधिग्रहण राशि का घोटाला सामने आया है। यहां हितग्राही का फर्जी खाता खोलकर मुआवजे की राशि निकली गई। मामले की जांच के बाद एडीएम शैलेंद्र सिंह सोलंकी के प्रतिवेदन पर तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर 5 लोगों को राउंडअप किया है।
वर्तमान में एसडीएम विशा माधवानी झाबुआ जिले में तैनात हैं। मामले के व्हिसल ब्लोअर और बुरहानपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ. आनंद दीक्षित ने बताया 2018-2019 में बोरबन तालाब निर्माण में 15 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। इसमें आधी राशि निर्माण और आधी राशि मुआवजे पर खर्च की गई। रामेश्वर कल्लू की 15 एकड़ जमीन शामिल थी, जिसे मुआवजे की राशि मिलना थी, लेकिन अफसरों व बैंक कर्मियों ने मिलकर हितग्राही के नाम का एक फर्जी खाता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित खंडवा की शाखा तुकईथड में खुलवाया और 42 लाख रुपए निकाल लिए। बुरहानपुर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच एडीएम शैलेंद्र सिंह सोलंकी को सौंपी गई। 45 दिन तक चली जांच में एडीएम ने प्रारंभिक जांच में विशा माधवानी समेत उनके लिपिक पंकज पाटे, बैंक मैनेजर अशोक नागनपुरे, बैंककर्मी अनिल पाटीदार, होमगार्ड जवान सचिन वर्मा समेत इम्तियाज खान, संजय मावश्कर, फिराज खान आदि को दोषी पाया।

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