कोरोना में इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के 9000 आयुष डॉक्टर तथा स्टॉफ ने किया काम बंद

आयुष डॉक्टर व स्टॉफ हड़ताल पर

दो मांग संविदा नौकरी व समान वेतन : जान पर खेलकर नौकरी करने वालों को अभी ऐसा वेतन मिल रहा कि बताने में भी शर्म आए

इंदौर । आज इंदौर समेत प्रदेशभर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। कारण, इंदौर में करीबन 700 आयुष डॉक्टर और स्टाफ समेत प्रदेशभर के 9 हजार आयुष डॉक्टरों का हड़ताल पर चले गए हैं। समान वेतन और संविदा नौकरी की मांग को लेकर इन डाॅक्टरों ने काम पर नहीं आने का फैसला किया है। इस संबंध में सोमवार को उन्होंने सीएमएचओ को मांग पत्र सौंपा। डॉक्टरों का कहना है कि सालभर से काम कर रहे हैं, कोविड पॉजिटिव हो गए, इसके बाद भी सरकार हमारी अनदेखी कर रही है। जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, हड़ताल जारी रहेगी।
इंदौर में आयुष चिकित्सा संघ कोविड-19 के प्रदेश प्रभारी आयुष चिकित्सक डॉक्टर नीरज यादव ने दैनिक ब्रह्मास्त्र को बताया कि यह अनिश्चितकालीन हड़ताल है। हमने अपनी जान पर खेलकर मरीजों और प्रदेश की सेवा की है। ऐसी स्थिति में वेतन भी बहुत कम है और कोविड-19 खत्म होने के बाद निकाल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयुष डॉक्टर, डेंटिस्ट , फार्मा ,पैरामेडिकल स्टाफ नर्स ,लैब टेक्नीशियन आदि हड़ताल पर हैं। इंदौर में करीबन 700 आयुष डॉक्टर और स्टाफ शामिल है। जब उनसे पूछा गया कि इस कोरोना काल में क्या हड़ताल उचित है ? तो उनका कहना था कि सरकार को 1 महीने से लगातार अपनी मांग से अवगत करवाया जा रहा है , लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं है। हम भी हड़ताल नहीं चाहते थे, परंतु मजबूरन यह सब करना पड़ रहा है। हम भी अपने बच्चों और परिवार को छोड़कर यहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राधास्वामी ,कोविड-19 सेंटर, एमटीएच जैसे सभी जगह के सेंटर हैं।

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