कोरोना के कारण उज्जैन में इस बार भी नहीं हो सकेगी पंचक्रोशी की यात्रा

उज्जैन।

कोरोना के चलते उज्जैन में इस बार भी पंचक्रोशी यात्रा नहीं हो पाएगी। 118 किलो मीटर पैदल चलने के बाद यह यात्रा पूर्ण होती है। इस यात्रा में ग्रामीण व शहरी श्रद्धालु हजारों की संख्या में शामिल होते हैं। इस वर्ष यह यात्रा वैशाख कृष्ण की दशमी तिथि 6 मई से प्रारंभ होना थी।यात्रा के पहले दिन उज्जैन के पटनी बाजार में स्थित श्री नागचंद्रेश्वर महादेव के मंदिर में दर्शन के साथ श्रद्धालु आरंभ करते हैं। कोयला फाटक स्थित पंचक्रोशी यात्रा द्वार से प्रवेश कर उंडासा होकर एक-एक दिन नगर की चारों सीमाओं के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पिंगलेश्वर, कायावरोहणेश्वर, दुर्धरेश्वर व बिल्केश्वर महादेव के दर्शन कर कालियादेह महल बावन कुंड में स्नान करते हुए पांचवें दिन नगर में प्रवेश करते हैं।उज्जैन आने के बाद श्रद्धालु शिप्रा स्नान कर एक दिन की अष्टतीर्थ यात्रा पूर्ण कर अपने घर लौट जाते हैं। पिछले वर्ष 2020 में भी कोरोना के कारण जिला प्रशासन ने यात्रा निरस्त कर दी थी। और इस बार भी कोरोना के चलते यह यात्रा संभव नहीं है। क्योंकि पंचक्रोशी यात्रा में हजारों लोग भीड़ के रूप में उमड़ते हैं। और कोरोना भीड़ में ही फैलता है। ऐसे में प्रशासन ने पूर्व से ही धार्मिक यात्रा, जुलूस आदि पर प्रतिबंध लगा रखा है। वर्ष 2019 में ही आखिरी बार पंचक्रोशी यात्रा नगर में निकली थी। इसके बाद लगातार दो वर्ष से कोरोना के चलते यह नहीं निकल पा रही है।

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