कोरोना से मुक्ति के लिए महाकाल मंदिर में आज शुरू हुआ 11 दिनी अनुष्ठान

– 75 ब्राह्मण शामिल, नंदीहॉल में सोशल डिस्टेंसिंग से बैठे पंडित

– अनुष्ठान के दौरान आम श्रद्धालुओं के बेरिकेड्स से दर्शन हो रहे

उज्जैन। 

कोरोना से मुक्ति के लिए महाकाल मंदिर में आज शुक्रवार से 11 दिनी अनुष्ठान शुरू हुवा। अनुष्ठान में 75 ब्राह्मण शामिल है। सभी को नंदीहॉल में सोशल डिस्टेंसिंग से बैठने की व्यवस्था की है।

अनुष्ठान सुबह 8 बजे प्रारंभ होकर दोपहर 1 बजे तक चला। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने बताया कि एकादश अतिरूद्र अभिषेकात्मक महामृत्यंज अनुष्ठान शासकीय पुजारी घनश्याम गुरु के आचार्यत्व में किया जा रहा। यह अनुष्ठान कोरोना से मुक्ति की कामना को लेकर भगवान महाकाल के दरबार में मंदिर प्रबंध समिति जनकल्याणार्थ हेतु स्वयं कर रही है। अनुष्ठान की पूर्णाहुति यज्ञ के साथ की जाएगी। अनुष्ठान में मंदिर के सभी पुजारी, पुरोहित एवं उनके प्रतिनिधिगण भाग ले रहे है। महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया कि कोरोना का प्रकोप दूसरी बार लगातार बढ़ता जा रहा है। उससे मुक्ति के लिए महामृत्युंजय भगवान महाकाल से ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोचार कर 11 दिन तक कामना की जाएगी। निश्चित इससे आम जनता को लाभ पहुंचेगा।

लॉकडाउन के कारण आज शाम 6 बजे से महाकाल में आम दर्शन बंद 

लॉकडाउन के कारण उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार की शाम 6 बजे से श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद हो जाएगा। मंदिर प्रबंध समिति की सहायक प्रशासक एवं तहसीलदार पूर्णिमा सिंघी ने बताया कि संपूर्ण मप्र सहित उज्जैन शहर में कोरोना से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के आदेश अनुसार शुक्रवार की शाम 6 बजे से सोमवार की सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस अवधि में श्रद्धालु महाकाल मंदिर में भी दर्शन करने नहीं जा सकेंगे। श्रद्धालुओं को शुक्रवार की शाम 6 बजे से पहले तक दर्शन हो सकेंगे। इसके बाद मंदिर में प्रवेश रोक दिया जाएगा। श्रद्धालु इसके बाद सोमवार की सुबह 6 बजे के बाद ही दर्शन के लिए प्रवेश कर सकेंगे।मंदिर में अभी ऑनलाइन के जरिए प्री-बुकिंग के आधार पर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं। जिन श्रद्धालुओं ने शुक्रवार की शाम व शनिवार के स्लॉड में दर्शन की बुकिंग करा रखी है वह लॉकडाउन लगने से स्वत: ही निरस्त मानी जाएगी।

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