MP में 20 मार्च से महाराष्ट्र से यात्री बसों के आने-जाने पर प्रतिबंध, निजी वाहनों पर फिलहाल रोक नहीं

भोपाल

20 मार्च से मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र से आने-जाने वाली यात्री बसों पर प्रतिबंध रहेगा। निजी वाहनों के आवागमन पर फिलहाल रोक नहीं है। यह निर्णय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार देर शाम मंत्रालय में हुई कोरोना की समीक्षा बैठक में लिया।मुख्यमंत्री ने कहा, मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है। महाराष्ट्र में कोरोना की विस्फोटक स्थिति है, जिसके कारण मध्य प्रदेश के हालात बिगड़े हैं। ऐसे में यात्री बसों के आवागमन पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों के प्रशासन को इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में 8वीं तक के स्कूलों को 1 अप्रैल से खोले जाने को लेकर भी चर्चा हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस से कहा कि स्कूलों के बारे में फैसला करने के लिए अलग से बैठक की जाएगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह कहा था कि 8वीं तक के स्कूलाें को खोलने को लेकर बैठक में पुनर्विचार किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बैठक में बताया कि अगले डेढ़ माह तक कोरोना के केस बढ़ते रहने की संभावना है। संक्रमण दर भी बढ़ रही है। वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या भी 6 हजार के पार हो गई है। ऐसे में प्रशासन काेरोना से निपटने के लिए ज्यादा सख्ती करेगा। बैठक में बताया गया कि जिस घर में पॉजिटिव मरीज मिलेगा, उसे माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा।बैठक में बताया गया कि भोपाल और इंदौर में प्रतिदिन करीब 40 हजार लोगों के वैक्सीनेशन का टारगेट रखा गया है, लेकिन भोपाल में 50% से ज्यादा टीकाकरण नहीं हो पा रहा। इंदौर में यह 45% ही है। हालांकि सतना जैसे अन्य छोटे जिलों में हर रोज 95% तक वैक्सीनेशन हो रहा है।बैठक में बताया गया, वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी है। प्रदेश में हर रोज करीब 5 लाख लोगों को वैक्सीन लगेगी, तब अगले डेढ़ से दो माह में सभी को 2 डोज लग पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 मार्च से हर रोज 5 लाख वैक्सीनेशन का रोडमैप तैयार कर लें। बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय स्वास्थ मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन से मध्य प्रदेश को हर सप्ताह करीब 10 लाख डोज की आपूर्ति करने की मांग की थी।मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (एमपीपीईबी) ने पुलिस कांस्टेबल के 4 हजार पदों पर भर्ती के लिए 6 अप्रैल से शुरू होने वाली लिखित परीक्षा स्थगित कर दी है। इस संबंध में पीईबी ने वेबसाइट पर परीक्षा स्थगित करने की जानकारी अपलोड कर दी है। वेबसाइट पर लिखा है कि प्रदेश में तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के चलते यह फैसला लिया गया है।इस भर्ती के लिए करीब 10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा ऐसे समय पर टाली गई है, जब परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड का इंतजार था। एमपीपीईबी ने वेबसाइट पर नोटिस जारी कर कहा है कि परीक्षा की नई तिथि के बारे में सूचना जल्द दी जाएगी।

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